दुर्ग। जिले के ग्राम कोड़िया स्थित शासकीय धान खरीदी केंद्र में शनिवार सुबह भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग ने देखते ही देखते धान के भंडारण को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे लगभग 300 बोरे धान जलकर नष्ट हो गए। जिला विपणन अधिकारी (DMO) राहुल कुमार ने नुकसान की पुष्टि की है।
जानकारी के अनुसार, सुबह लगभग 10 बजे धान खरीदी केंद्र में रखे धान में अचानक आग लग गई। घटना की सूचना मिलते ही दुर्ग अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा की दो दमकल गाड़ियां तत्काल मौके के लिए रवाना की गईं। जब अग्निशमन दल घटनास्थल पर पहुंचा तो धान के ढेरों से ऊंची-ऊंची लपटें निकल रही थीं और आग तेजी से फैल रही थी।
अग्निशमन कर्मियों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए आग बुझाने का अभियान शुरू किया। करीब 6 घंटे की कड़ी मशक्कत और लगभग 60 हजार लीटर पानी के उपयोग के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। समय रहते कार्रवाई होने से आग को आसपास रखे अन्य धान तक फैलने से रोक लिया गया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
आग बुझाने के कार्य में दुर्ग अग्निशमन दल के अलावा जे.के. लक्ष्मी सीमेंट और ए.सी.सी. अडानी सीमेंट के अग्निशमन वाहनों ने भी सहयोग किया। घटना के दौरान किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।
फिलहाल आग लगने का कारण पास के खेत मे किसी ने पैराली जलाने के हुआ है ऐसा जानकारी प्राप्त हुआ है।प्रशासन द्वारा मामले की जांच कराई जा रही है।
घटना के दौरान जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी नागेंद्र कुमार सिंह स्वयं मौके पर मौजूद रहे और पूरे राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी की। अग्निशमन दल प्रभारी महेन्द्र चंदेल और प्रवीण बारा सहित पूरी टीम ने साहस और तत्परता का परिचय देते हुए स्थिति को नियंत्रित किया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर दमकल दल नहीं पहुंचता तो आग आसपास के पूरे धान भंडारण को अपनी चपेट में ले सकती थी और नुकसान कई गुना बढ़ सकता था।

