दुर्ग।महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा परियोजना दुर्ग ग्रामीण अंतर्गत ग्राम पंचायत बासीन स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जिला स्तरीय पोषण पखवाड़ा सह महिला जागृति शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम जिला कार्यक्रम अधिकारी आर.के. जामुलकर एवं जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी अजय साहू के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन-अर्चन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे एवं अध्यक्षता जनपद पंचायत दुर्ग के सभापति गोकुल वर्मा ने की। इस अवसर पर जनपद सदस्य श्रीमती पूर्णिमा वर्मा, सेवा सहकारी समिति अध्यक्ष दिलीप वर्मा, सरपंच चित्ररेखा साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
परियोजना अधिकारी श्रीमती उषा झा ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि श्रीमती सरस्वती बंजारे ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ एवं बाल विवाह प्रतिषेध अभियान के तहत किए जा रहे जनजागरूकता कार्यों की सराहना करते हुए महिलाओं को जागरूक रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग की डाली साहू ने किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन के महत्व एवं गर्भाशय कैंसर से बचाव संबंधी जानकारी दी। वहीं पुलिस विभाग की रक्षा टीम के दीपक साहू ने साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी एवं डिजिटल अरेस्ट जैसी अफवाहों से बचने के उपाय बताए। अधिवक्ता श्रीमती विभा मिश्रा ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की जानकारी देते हुए बेटियों के साथ बेटों को भी अच्छे संस्कार देने की आवश्यकता बताई।
आईसीपीएस टीम द्वारा पॉक्सो एक्ट, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, छत्तीसगढ़ स्पॉन्सरशिप योजना, दत्तक पुत्री योजना तथा साइबर अपराध से संबंधित कानूनी जानकारी प्रदान की गई। शिविर के दौरान 30 महिलाओं का हीमोग्लोबिन परीक्षण किया गया तथा 45 किशोरी बालिकाओं का एचबी एवं सिकलिंग टेस्ट कर उन्हें सुरक्षा किट वितरित की गई।
कार्यक्रम में महिलाओं एवं बच्चों के लिए खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, रंगोली प्रतियोगिता तथा पोषण प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया। कुर्सी दौड़ में दुर्गा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि मटका फोड़ प्रतियोगिता में जनता प्रथम एवं अलका द्वितीय स्थान पर रहीं। विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए।
इसके अलावा 4 गर्भवती महिलाओं की गोदभराई कर उन्हें पोषण किट वितरित की गई तथा 4 बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया गया। कार्यक्रम में पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं।

