बोडेगांव (दुर्ग): आदर्श ग्राम पंचायत बोडेगांव में विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन पंचायत भवन से लगभग 100 मीटर की दूरी पर, पीपल वृक्ष के पहले का मुख्य मार्ग आज भी घोर अंधेरे में डूबा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि इसी मार्ग से वार्ड क्रमांक 2, 3, 4, 6 और 14 सहित पुरानी बस्ती के सैकड़ों ग्रामीण प्रतिदिन आवाजाही करते हैं, फिर भी इस गंभीर समस्या की ओर अब तक कोई ठोस ध्यान नहीं दिया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के कई मोहल्लों और कुछ जनप्रतिनिधियों के घरों के सामने हाई वोल्टेज एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगी हुई हैं, लेकिन गांव के सबसे महत्वपूर्ण मार्ग पर आज भी रोशनी की व्यवस्था नहीं है। यह सड़क पंचायत भवन, मुख्य मार्ग और पुरानी बस्ती को जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है, जहां से हर दिन बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं।
कुछ दिन पहले बारिश के पानी से यह सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी। बाद में पानी निकासी के लिए पाइप डालकर मार्ग को सुरक्षित किया गया, लेकिन स्ट्रीट लाइट लगाने की समस्या जस की तस बनी हुई है। नतीजतन रात होते ही करीब 100 मीटर का यह हिस्सा पूरी तरह अंधेरे में डूब जाता है।
मंगलवार शाम हल्की-हल्की रिमझिम बारिश के दौरान अंधेरे के कारण इस मार्ग पर एक साइकिल सवार असंतुलित होकर गिर पड़ा। हालांकि उसे गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर इस मार्ग पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने से दुर्घटना की आशंका को उजागर कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं की गई, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि इसी रास्ते से पंच, सरपंच, जनपद सदस्य और अन्य जनप्रतिनिधि भी प्रतिदिन गुजरते हैं, फिर भी इस समस्या का समाधान अब तक क्यों नहीं हो पाया? जब जनप्रतिनिधियों की नजर इस अंधेरे पर नहीं पड़ रही है, तो आम ग्रामीणों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर कौन उठाएगा?
ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत और संबंधित विभाग से मांग की है कि इस मुख्य मार्ग पर शीघ्र स्ट्रीट लाइट लगाई जाए, ताकि लोगों को अंधेरे, दुर्घटनाओं और असुरक्षा के माहौल से राहत मिल सके। साथ ही ग्रामीणों ने यह भी कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे इस मुद्दे को उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाने के लिए मजबूर होंगे।

