दुर्ग ! ग्रामीण विकास एवं रोजगार सृजन को नई दिशा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा लागू “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025” के तहत 1 जुलाई 2026 से ग्रामीण क्षेत्रों में वीबी-जी रामजी योजना लागू कर दी गई है। इस नई व्यवस्था के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण, जल संरक्षण, आजीविका संवर्धन, आधारभूत अधोसंरचना विकास तथा आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण पर विशेष बल दिया जा रहा है।
जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी से प्राप्त जानकारी अनुसार 1 जुलाई 2026 से अब तक दुर्ग जिले में 12,089 मानव दिवस सृजित किए जा चुके हैं। इसके लिए एसएनए (Single Nodal Account) प्रणाली के माध्यम से 36 लाख 26 हजार 700 रुपये की मजदूरी राशि जारी की गई है, जिसे श्रमिकों के बैंक खातों में अंतरित करने की प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है। योजना के तहत मजदूरी भुगतान 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जा रहा है।
योजना में यह प्रावधान भी किया गया है कि निर्धारित अवधि में रोजगार उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में पात्र परिवारों को बेरोजगारी भत्ता प्रदान किया जाएगा। भुगतान प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए मजदूरी राशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे श्रमिकों के बैंक अथवा डाकघर खातों में भेजी जा रही है। यदि मजदूरी भुगतान में 15 दिनों से अधिक की देरी होती है, तो श्रमिकों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति राशि भी प्रदान की जाएगी।
वीबी-जी रामजी योजना के अंतर्गत जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण, ग्रामीण अधोसंरचना विकास, आंगनबाड़ी भवन, पशुपालन एवं मत्स्य पालन से संबंधित कार्य, कौशल विकास केंद्र, बाढ़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन तथा अन्य जनहितकारी निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। ग्राम पंचायतों की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाते हुए विकसित ग्राम पंचायत योजना के माध्यम से ग्राम सभाओं की सहभागिता से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों का चयन किया जाएगा। योजना को पीएम गतिशक्ति एवं जीआईएस आधारित डिजिटल प्रणाली से भी जोड़ा गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि योजना के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा नियमों के उल्लंघन पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

