नई दिल्ली। प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और लगातार बढ़ते छात्र आंदोलनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दिया। अपने पत्र में उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था पर उठे विवाद को देखते हुए उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए यह फैसला किया है।
इस्तीफे के बाद देशभर में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। विपक्ष ने इसे अपनी मांग की जीत बताया है, जबकि केंद्र सरकार की ओर से शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

